महारानी विक्टोरिया सम्पूर्ण जीवनी | Biography of Queen Victoria

0
40
महारानी विक्टोरिया सम्पूर्ण जीवनी
महारानी विक्टोरिया सम्पूर्ण जीवनी

महारानी विक्टोरिया सम्पूर्ण जीवनी | Biography of Queen Victoria

 

महारानी विक्टोरियामहारानी विक्टोरिया के कारण ब्रिटिश साम्राज्य का बहुत बड़ा विस्तार हुआ है। महाराणी विक्टोरिया ने अपने गुणों, स्वभाव के कारण ब्रिटेन की प्रतिष्ठा बढ़ा दी Victoria की बात करें, तो वह इंग्लेंड की महांरानी के तौर पर 20 जून 1837 से अपनी मृत्यु तक अपने पद पर रही है, और एक मई 1876 को उन्हें एम्प्रेस ऑफ़ इंडिया का भी टाइटल दिया गया था। और उन्होंने पूरी शक्ति और ईमानदारी के साथ सत्ता को संभाली जिससे की उस समय को “विक्टोरियन युग” कहा जाने लगा।

महारानी विक्टोरिया का जन्म व मर्त्यु

नाम – अलेक्जेंड्रिना विक्टोरिया
जन्म – 24 मई 1819
जन्मस्थान – मास
पिता – प्रिंस एडवर्ड, केंट और स्ट्रेथियर्न के ड्यूक
माता – सैक्स सोबुर्ग सालफेल्ड की राजकुमारी विक्टोरिया
मृत्यु – 23 जनवरी 1901

महारानी विक्टोरिया का प्रारम्भिक जीवन|

महारानी विक्टोरिया का जन्म सन 24 मई 1819 ई. में हुआ था। महारानी विक्टोरिया जब आठ महीने की थीं, तभी उनके पिता का देहांत हो गया था। विक्टोरिया के मामा ने उनका पालन-पोषण किया और उनके मामा बहुत ही योग्य, विद्द्वान, अनुभवी तथा ईमानदार थे। विक्टोरिया की शिक्षा-दीक्षा का कार्य बहुत बड़ी जिम्मेदारी से निभाये थे। वे स्वयं भी एक बड़े योग्य और अनुभवी व्यक्ति थे। मामा के साथ रहते -रहते विक्टोरिया को राज -काज के बारे में जानकारी हो गई थी और कार्य भी सम्भालना शुरू कर दी थी।

महारानी विक्टोरिया का राजतिलक

महारानी विक्टोरिया अठारह वर्ष की उम्र में गद्दी पर बैठीं। विक्टोरिया बहुत ही ईमानदारी के साथ सत्ता को सम्भाली और उनका राज्य के प्रति काम करना बहुत ही अच्छा तथा सुख मिलता था। इन कामों में वे अपना एकछत्र अधिकार मानती थीं। उनमें वे मामा और माँ तक का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं करती थीं। “पत्नी, माँ और रानी” – तीनों रूपों में उन्होंने अपना कर्तव्य अत्यंत ईमानदारी से निभाया। यहाँ तक कि घर के नौकरों और सेनाओं के प्रति उनका व्यवहार बड़ा अच्छा होता था

महारानी विक्टोरिया का विवाह |

महारानी विक्टोरिया का विवाह होने पर अपने पति को राजकाज से दूर रखती थीं। लेकिन धीरे-धीरे पति के प्रेम ने उन पर अपना अधिकार जमा लिया जिससे वे पति की इच्छानुसार कार्य करने लगी। किंतु वे 43 वर्ष की अवस्था में ही विधवा हो गईं। उन्होंने बड़ी ईमानदारी और न्याय के साथ शासन किया। किसी दूसरे की सहायता स्वीकार नहीं की।

विक्टोरियन युग |

रानी विक्टोरिया ने राजसिंहासन की जिम्मेदारी गंभीरता से लेकर सभी छोटी-छोटी बातो पर ध्यान दिया। जब विक्टोरिया गद्दी पर बैठी उस समय इंग्लैण्ड में राजाओं का मान होता था। लेकिन राजाओं के मान को काम करने के लिये भीषण रक्तहीन की क्रांती हुई थी। सत्र 1832 के बाद इंग्लैण्ड का संसदीय सुधार मानदंड से संसद का संघटन और स्वरूप बदल गया था।

सत्र 1833 के बाद ईस्ट इंडिया कंपनी का व्यापार विदेशी नागरिको को व्यापार करने के लिये आदेश दिया गया। ये बदलाव विक्टोरिया रानी के आने के बाद बढ़ गया था रानी विक्टोरिया भारतीय राज्यो की ‘महारानी’ भी साबित हुई थी। विक्टोरिया का घोषणा पत्र भारत के ब्रिटिश राज का स्तंभ बना था।

महारानी विक्टोरिया की मृत्यु |

महारानी विक्टोरिया की 23 जनवरी 1901 को देहांत हो गया था। और इसी के साथ एक महान युग का अंत भी हुआ था। लेकिन महारानी विक्टोरिया एक आदर्श और चरित्रशील रानी थी जो कि उन्होंने अपने शासन काल में किसी की सहायता नहीं ली।

 

भारत के साथ संबंध

1857 के गदर के बाद भारत का शासन ईस्ट इंडिया कंपनी से ब्रिटिश राजसत्ता ने अपने हाथों में ले लिया। यह घोषणा महारानी के नाम से की गई। बस, इसी नाम से वह हिंदुस्तान के लोगों के बीच मशहूर हो गईं। ऐसा माना जाता था कि घोषणाओं में भारत और यहां के लोगों के बारे में जो विचार रखे गए थे, वे उनके व्यक्तिगत और उदार विचारों की एक झलक थी।

हालांकि, महारानी विक्टोरिया ने कभी भी भारत-भ्रमण नहीं किया। उन्होंने भारत का शासन संवैधानिक शासक की हैसियत से चलाया और उन्हीं नीतियों को लागू किया, जिनकी सिफारिश उनके मंत्रियों ने की।

 

अब्‍दुल से बात करने के लिए हिंदी सीखने लगी थीं महारानी विक्‍टोरिया

विक्‍टोरिया ने अपने डायरी में लिखा है कि 22 जून 1887 को अब्‍दुल ने पहली बार मुझे ब्रेकफास्‍ट परोसा। वो जवान और हंसमुख है। वहीं अपने एक अगले नोट में महारानी ने लिखा है कि वह हिंदुस्‍तानी भाषा के कुछ शब्‍द सीख रही हैं ताकि वह अपने सर्वेंट्स से बात कर सकें। वहीं अब्‍दुल क्‍वीन विक्‍टोरिया को उर्दू सिखा रहा था।

 

 

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here